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शिव कौन है

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  शिव कौन है शिव   शिव के बारे में जानने के बादआप हैरान रह जाएंगे उनका वर्णन करने के लिए संसार के सारे शब्द भी कम पड़ सकते हैं शिव एक ऐसे देवता हैं जिन्हें आप स्वीकार करे तो आपका पूरा जीवन ही सफल हो जायेगा। शिव के बारे में सदगुरु बताते हैं कि वे एक योगी है।  आदियोगी शिव को जानने के लिए सदगुरु कहते हैं अगर आप उनकी जीवन प्रक्रिया को देखेंगे तो पाएंगे कि वो हर उस चीज से गुजरे जिससे हर इंसान गुजरता है।  वो एक ही समय पर कई चीजों का मेल है वो सबसे सुंदर है और बदसूरत भी है वो एक महान सन्यासी भी है वो एक गृहस्थ भी है वो सबसे अनुशाषित भी है।  वो एक शराबी है वो एक नर्तक है ओर वो पूर्ण रूप से इस्थिर भी है।  देवता उनकी पूजा करते हैं दानव भी उनकी पूजा करते हैं दुनिया में हर तरह के जीव उनकी पूजा करते है।  हम शिव के बारे में जोभी कहते हैं आपको समझना चाहिए की जिसका उल्टा भी सच है वह सबसे भयानक भैरव है जो गुस्सेल ओर जबरदस्त हिंसक है वो सबसे करुणामय भी है वो सुन्दरमूर्ति भी है।  वो मोह लेने वाले जबरदस्त प्रेमी ओर एक करुणामयी सुंदर रोमांटिक देव है।  वो तांडव मूर...

गुस्से से कैसे बचें सदगुरु

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  गुस्से से कैसे बचें सदगुरु सदगुरु कहते हैं।  अगर आप कोयम्बटूर की सड़कों पर गाड़ी चला रहे हैं तो आपको सड़कों के बीच में बेतरतीब तरीकों से रखे डिवाइडर से बचना होता है आपको खराब ड्राइवरो से बचना होता है आपको सड़क पार करते पियक्कड़ों से ओर सड़क पार करते बच्चों से बचना होता है और कई चीजों से लेकिन जब आप कोयम्बटूर की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं तब क्या आपको चंद्रमा से बचना होता है? में आप से पूछ रहा हूँ नही क्योंकि चंद्रमा सड़क पर नही है हेना। तो इसी तरह क्या आप अभी गुस्सा है नहीं तो इससे बचने की क्या जरूरत है उससे बचने की कोई जरूरत नहीं है  दरअसल आपको लगता है गुस्सा एक हस्ति है गुस्सा कोई हस्ति नही है। आप गुस्सा होते हैं आप गुस्सा हो जाते हैं गुस्सा कही बैठा हुआ नहीं है ओर आप जाकर उससे टकरा जाते हैं ऐसा कुछ भी नहीं है आप गुस्सा होते है जब आप गुस्सा होते हैं ये आप के लिये अच्छा अनुभव है या बुरा अनुभव है बुरा अनुभव है दूसरों के लिए बेशक बुरा अनुभव है आप के लिए भी बुरा अनुभव है आज मेडिकल साइंस ने सिद्ध कर दिया है जब आप गुस्सा होते हैं तो आप वास्तव में अपने सिस्टम में ज़हर घोल रहे हैं पता ह...

सदगुरु मोटिवेशनल विचार

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सदगुतरु प्रेरित व्यक्ति ना बने  सदगुरु कहते है आपको एक प्रेरित व्यक्ति नही होना चाहिये आमतौर पर जब हम किसी को प्रेरित हुआ कहते है तो इसका मतलब है उनका कोई अपना एजंडा है जीवन का कोई एजंडा नही है ये आपके लिए एक पूर्ण विकसित जीवन होना है एक झींगुर एक पूर्ण विकसित झींगुर होने की कोशिश कर रहा है एक केचवा एक पूर्ण विकसित केचवा होने की कोशिश कर रहा है एक पक्षी पूर्ण विकसित पछी होने की कोशिश कर रहा है एक पेड़ एक पूर्ण विकसित पेड़ होने की कोशिश कर रहा है एक मनुष्य को भी पूर्ण विकसित मनुष्य होने के लिए प्रयास करना चाहिए  हमारा बस यही काम है पर हम मेसे हर कोई अपना एजेंडा बनाने लगता है। ओर तरह की चीजें करने लगता है नहीं बस आप जीवन का एक टुकड़ा है खुद को ज्यादा गम्भीरता से मत लीजिए क्योंकि आप से ओर मुझ से पहले कई अनगिनत लोग आकर जा चुके है हूँ हा य ना वो कहा है वो सारे लोग आपको लगता है वो सारे मूर्ख थे वो सभी मूर्ख थे और वो सभी मर गए नही वो सभी आपकी ही तरह थे वे भी अधिकारी रहे होंगे राजा रहे होंगे आपसे भी बढ़ कर हर तरह की चीजें अब सब ऊपरी मिट्टी बन चुके हैं। ये शरीर भी ऊपरी मिट्टी बन जायेगा बस ...