सदगुरु मोटिवेशनल विचार

सदगुतरु प्रेरित व्यक्ति ना बने

 सदगुरु कहते है आपको एक प्रेरित व्यक्ति नही होना चाहिये आमतौर पर जब हम किसी को प्रेरित हुआ कहते है तो इसका मतलब है उनका कोई अपना एजंडा है जीवन का कोई एजंडा नही है ये आपके लिए एक पूर्ण विकसित जीवन होना है एक झींगुर एक पूर्ण विकसित झींगुर होने की कोशिश कर रहा है एक केचवा एक पूर्ण विकसित केचवा होने की कोशिश कर रहा है एक पक्षी पूर्ण विकसित पछी होने की कोशिश कर रहा है एक पेड़ एक पूर्ण विकसित पेड़ होने की कोशिश कर रहा है एक मनुष्य को भी पूर्ण विकसित मनुष्य होने के लिए प्रयास करना चाहिए

 हमारा बस यही काम है पर हम मेसे हर कोई अपना एजेंडा बनाने लगता है। ओर तरह की चीजें करने लगता है नहीं बस आप जीवन का एक टुकड़ा है खुद को ज्यादा गम्भीरता से मत लीजिए क्योंकि आप से ओर मुझ से पहले कई अनगिनत लोग आकर जा चुके है हूँ हा य ना वो कहा है वो सारे लोग आपको लगता है वो सारे मूर्ख थे वो सभी मूर्ख थे और वो सभी मर गए नही वो सभी आपकी ही तरह थे वे भी अधिकारी रहे होंगे राजा रहे होंगे आपसे भी बढ़ कर हर तरह की चीजें अब सब ऊपरी मिट्टी बन चुके हैं। ये शरीर भी ऊपरी मिट्टी बन जायेगा बस थोड़ा सा समय और जीवन एक छोटी सी चिंगारी है तो हम सभी बोहत ही लंबे समय तक मरे रहेंगे हम बोहत ही थोड़े समय के लिए जीवित है हा बोहत ही थोड़ा सा समय मे चाहता हूँ आप इसकी ओर इस दृष्टिकोण से देखे आप कितने समय तक मरे रहेंगे इसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। तो मान लीजिए हम दस हजार साल या एक लाख साल या दस लाख साल तक मरे रहते है उसकी तुलना में आप कितने समय तक जीवित है बोहत बोहत छोटे समय तक जिसे आप जीवन कहते हैं वह एक छोटी सी चिंगारी है।

 आप को एक अकेली चीज यही करनी है आप उठे और एक पूर्ण प्रकाशित जीवन के रूप में विकसित हो जब हमारे आसपास किसी चीज की जरूरत होगी तो स्वभाविक रूप से हम उसे करेंगे क्योंकि जब आप अद्भुत रूप से अच्छा कर रहे होते हैं तो आप वही करेंगे जिसकी जरूरत है है ना जब आप दुखी होंगे तो आप प्रेरित होंगे हा मुझे बताईये जब आप खुश होते हैं क्या आपने खुद कि ओर देखा है आप कितने अद्भुत ओर अच्छे होते हैं आप किसी के लिए कुछ भी करने को तैयार होंगे अगर जरूरी हो तो पीछे की ओर झुक जाएंगे।


जब आप थोड़ा परेशान होते है ओह ये कितना मुश्किल है इसलिये अपने बच्चों को किसी चीज से प्रेरित होना मत सिखाइये ये सारी बकवास पश्चिम से आ रही है ये सभी सेल्फ हेल्प किताबे।

 खुद को प्रेरित कीजिये आत्मविश्वास पैदा कीजिये अपने आप पर यकीन कीजिये आपने भगवान पर यकीन किया और इस दुनिया को इस हद तक नष्ट कर दिया अब आप खुद पर यकीन करते हैं अब आप क्या करेंगे ये सारा पछिम से आ रहा है आपको प्रेरित होने की जरूरत नहीं आप को बस इतना देखना है के अभी ये अपने पूर्ण संभव इस्तर पर केसे हो अभी आप जीवित है तो यह सब करेगा जो ये कर सकता है जो यह नही कर सकता उसे आपका शरीर वैसे भी नही करेगा अगर आप सुबह किसी पक्षी को देखे सुबह मे तो वह वो कर रहा होता है जो वह कर सकता है वो सब कुछ करेगा जो वो कर सकता है वह कुछ भी नहीं छोड़ेगा जो वो कर सकता है आप को भी यही करना है वो सब कुछ जो आप कर सकते है आप जो नही कर सकते बिल्कुल ठीक है एक कीड़ा वह नहीं कर सकता जो एक पक्षी करता है एक पक्षी वह नही कर सकता जो एक हाथी करता है एक हाथी वह नही कर सकता जो हम कर सकते है लेकिन हमें वो करना चाहिए जो हम कर सकते है जो हम नही कर सकते वो कोई मायने नहीं रखता जो हम कर सकते है वो जरूर होना चाहिए इसके लिए बस आपको यही समझने की जरूरत है कि जीवन एक छोटी सी चिंगारी है। ये बस बु बु बु ओर खत्म उससे पहले आपको समझ आये उससे पहले आप जा चुके होते हैं

। जबतक आप दुखी ना हो दुखी लोगों का जीवन बोहत लम्बा होता है सिर्फ उन्हें लगता है जीवन बोहत लम्बा है अगर आप बोहत खुश हैं तो ऑप्स इससे पहले की आप जाने की क्या हो रहा है ये खत्म हो जायेगा क्या आपने किसी खास दिन की ओर ध्यान दिया है आप बोहत खुश थे 24 घंटे युही निकल जाते हैं थोड़े दुखी 24 घंटे दस हजार साल के बराबर लगते है इस लिए समय बोहत रिलेटिव सापेक्ष अनुभव है पर अगर इससे आप तुलना करते हैं कि आप कितने समय तक मरे हुए रहेंगे आप लाखों सालों तक मेरे रहेंगे आप बस थोड़ा सा ही जीवित रहे इस बार आप किसी से भी चीज से  प्रेरित मत होइये आपको बस यही करना है आपको एक पूर्ण विकसित जीवन बनना चाहिए।

 25 साल का एक लड़का उसे एक प्रेरित मनुष्य नही बनना चाहिए उसे सिर्फ जीवन का एक विस्पोट होना चाहिए उसके बाद वो नही पूछेगा में सुबह उठने पर प्रेरित कैसे महसूस करू आप किस चीज को लेकर प्रेरित है किसी से नहीं अगर आप जीवित है तो अपने बिस्तर से उछल खड़े होंगे पर अब हम जिस तरह खाते हैं जिस तरह हम सांस लेते है जिस तरह हम चीजे करते हैं ओर नशीली चीजे ओर सब कुछ।

आमतौर पर शरीर मरना चाहता है यह जीवित नहीं रहना चाहता है आप को पता है ये सब कुछ पश्चिम से है लोगों ने इस संस्कृति का निर्माण किया यह क्या है भगवान का शुक्र है आज शुक्रवार है आंकड़े दर्शाते हैं 70 प्रतिशत अमरीकी अपने काम से नफरत करते हैं नापसन्द नहीं बल्कि घृणा 5 दिनों तक आप कुछ ऐसा करते हैं तो मुझे नहीं पता के आप वीकेंड का आनंद कैसे उठाते हैं विकेंड में सिर्फ इतना होता है आप बेहोशी की हालत में होते है या तो आप शराब पिये होते है या ड्रग्स लिए होते है या किसी चीज में लिप्त होते हैं उसके पर ओर कोई आनन्द नही घटित हो रहा हा या ना 70 प्रतिशत लोग अपने काम से नफरत करते हैं आप इस तरह क्यों जी रहे हैं आप ऐसा काम क्यों कर रहे हैं जिससे आप नफरत करते हैं सबसे पहली बात अगर जो आप कर रहे हैं उसे आप पसंद नहीं करते तो आप उसे नही करना चाहिए कोई न कोई उसे हमेशा करेगा कोई मेरे पास आता है वो एक मल्टीनेशनल कंपनी को चलाते है एक वैश्विक सी. ई. ओ वो एक परेशान अवस्था में आते हैं और कहते हैंसदगुरु में इसे सहन नहीं कर सकता वो हर रोज़ मुझे पर ज्यादा दबाव डाल रहे हैं तो में इसे नही संभाल सकता और मैने उनकी ओर देखा अपने हाथ उठाये ओर कहा आपको काम से निकाल दिया जाता है।  तब उन्होंने कहा ओह सदगुरु आप ये क्या कह रहे है मेन कहा आप कितना ज्यादा कष्ट उठा रहे हैं इसका क्या मतलब है अगर आप को निकाल दिया जाता है तो कम से कम आप समुन्द्र किनारे टहल सकते हैं शायद इस काम को कोई आपसे थोड़ी ज्यादा खुशी से करेगा क्या आपको लगता है कि आप ही धरती को घुमा रहे हैं। हेलो तकलीफ क्या है क्या आप ही इस धरती को घुमा रहे हैं क्या आप ही इसे सूरज के चारो तरफ इसे घुमा रहे हैं।


 सब कुछ मुफ्त हे ना सबकुछ मुफ्त है आपको बस एक पूर्ण विकसित जीवन बनना है अपने आप को बोहत ज्यादा धरणाओं दर्शनों मान्यताओं और बेतुके विचारों भावनाओं से बांध कर आप कम मत होइये आप जो है आप को उससे कम कभी नहीं होना चाहिए आपको किसी दूसरे जितना अच्छा नहीं बनना है ओर आप कभी हो भी नहीं सकते क्योंकि सभी अलग है।


 पर आप जो हो सकते हैं उससे कम कभी नहीं होना चाहिए तो उसकेलिए आप को प्रेरणा की जरूरत नहीं है आपको जीवन्तता की जरूरत है।


 25 की उम्र में आप थोड़े जीवन्त नही है तो आप को सहारे की जरूरत है आमतौर पर सुबह सुबह जीवन्त होता है ये बेंगलोर की तरह नही है बैंगलोर सुबह10 बजे उठता है चैन्नई आमतौर पर सुबह5 बजे ही जीवंत हो जाता है इसलिये अपने बच्चों को प्रेरित मत कीजिए ये जरूरी नहीं है। आप को देखना है कि वह कैसे आनन्द पूर्ण ओर जीवन्त रहते हैं इनमे उनका शरीर और बुद्धि अच्छे से कम करेंग  अरे क्या वह सिर्फ खुश रहेंगे और कुछ नहीं करेंगे आप मुझे बताइये आप जब खुश रहते हैं तब ज्यादा करने को इच्छुक रहते हैं या दुखी होते है तब जब आप खुश होते हैं जब जिसकी भी जरूरत होती है आप करने को तैयार होते है जब आप खुश होते है अपनी नींद अपना भोजन छोड़ने के इच्छुक होंगे ओर जो करने की जरूरत है उसे करेंगे जब आप ना खुश होते हैं ओह आप से कोई काम करवाना कितना मुश्किल है।


 तो एक पत्नी ने अपने प्रति को एक टेलीग्राम भेजा जो एक 3 महीने की ट्रेनिग पर था आ.ई.एस उसने एक टेलीग्राम भेजा चिंता करनी शुरू कर दीजिए बाकी सब मे चार खत में लिखूंगी खुद के साथ ऐसा मत कीजिए 25 की उम्र में चिंता करनी शुरू कर दीजिए बाकी सब पीछे आ जायेगा।


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