शिव कौन है
शिव कौन है
शिव
शिव के बारे में जानने के बादआप हैरान रह जाएंगे उनका वर्णन करने के लिए संसार के सारे शब्द भी कम पड़ सकते हैं शिव एक ऐसे देवता हैं जिन्हें आप स्वीकार करे तो आपका पूरा जीवन ही सफल हो जायेगा।
शिव के बारे में सदगुरु बताते हैं कि वे एक योगी है।
आदियोगी शिव को जानने के लिए सदगुरु कहते हैं अगर आप उनकी जीवन प्रक्रिया को देखेंगे तो पाएंगे कि वो हर उस चीज से गुजरे जिससे हर इंसान गुजरता है।
वो एक ही समय पर कई चीजों का मेल है वो सबसे सुंदर है और बदसूरत भी है वो एक महान सन्यासी भी है वो एक गृहस्थ भी है वो सबसे अनुशाषित भी है।
वो एक शराबी है वो एक नर्तक है ओर वो पूर्ण रूप से इस्थिर भी है।
देवता उनकी पूजा करते हैं दानव भी उनकी पूजा करते हैं दुनिया में हर तरह के जीव उनकी पूजा करते है।
हम शिव के बारे में जोभी कहते हैं आपको समझना चाहिए की जिसका उल्टा भी सच है वह सबसे भयानक भैरव है जो गुस्सेल ओर जबरदस्त हिंसक है वो सबसे करुणामय भी है वो सुन्दरमूर्ति भी है।
वो मोह लेने वाले जबरदस्त प्रेमी ओर एक करुणामयी सुंदर रोमांटिक देव है।
वो तांडव मूर्ति भी है जिनका नृत्य श्रष्टि की प्रक्रिया का संहार भी कर देता है। साथ ही वो अचलेश्वर भी है पूर्ण शांत यानी वह बिल्कुल गतिशील नही है।
शिव एक योगी है जिन्हें कोई नाम नहीं देना चाहिए। नाम देने का अर्थ सीमित करना और छोटा करना है। साथ ही उनके कई सारे नाम है ओर वो सभी नाम कुल मिलाकर पूरे ब्रह्मांड को उसकी सभी जटिलताओं के साथ अभिव्यक्त करते है।
वह अस्तित्व के सभी अथाह रहस्य की एक अभिव्यक्ति है। अगर आप इस व्यक्ति को स्वीकार कर सकते है जो धरती पर पाये जाने वाले हर गुण की एक जटिल संरचना है। अगर आप उन्हें स्वीकार कर सकते है। तो आप जीवन को ही पर कर चुके हैं। इसका पूरा मकसद आपके तार्किक दिमाग को नष्ट करना है। ताकि आप जीवन के एक बिलकुल अलग आयाम के प्रति ग्रहणशील बने।
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